Modi Schemes For MSME in Lockdown in Hindi
लॉकडाउन में MSME के लिए मोदी की योजना

कंपनी के नियमों में बदलाव – पहले कंपनियों में निवेश की सीमा कम व कारोबार की सीमा भी कम थी, जिस कारण वहां पर जाकर ज़्यादा कारीगर काम नहीं कर पाते थे व लोगों को रोजगार कम मिलता था परंतु अब जो बदलाव किए गए हैं–
MICRO( सूक्ष्म) उद्योग – सूक्ष्म उद्योग में निवेश की सीमा 1 करोड़ व कारोबार की सीमा 5 करोड कर दी गई है
SMALL( लघु) उद्योग – लघु उद्योग में निवेश की सीमा 100000000(दस करोड़) व कारोबार की सीमा 500000000(50 करोड) कर दी गई है
MEDIUM(मध्यम) उद्योग – मध्यम उद्योग में निवेश की सीमा 20 करोड़ का कारोबार की सीमा 100 करोड़ कर दी गई है

GLOBAL – ग्लोबल टेंडर में बदलाव ग्लोबल टेंडर की न्यूनतम सीमा अब 200 करोड रुपए कर दी गई है अब जिस टेंडर की लागत 200 करोड़ से कम है उसे भारत की छोटी-छोटी कंपनी भी ले सकेगी। जिससे भारत में उत्पादन बढ़ेगा व लोगों को ज़्यादा काम मिलेगा ।हम अपना माल विदेशों में भी बेच सकेंगे।
LOAN लोन के नियमों में बदलाव – अब 4 साल तक बिना गारंटी के लोन मिल सकेगा। जिसमें पहले साल में मूलधन भी नहीं देना होगा। अब यदि कोई नौकरी छोड़कर अपना करना चाहता है तो उसे इस बात डर नहीं है कि ना तो मेरे पास संपति है, ना ही मेरे पास धन है।
CONSTRUCTION निर्माण कार्य – निर्माण कार्य के लिए बैंक में रखी गई लोन के लिए संपत्ति भी जितना कार्य पूरा होता रहेगा उतनी संपत्ति छूटती रहेगी जिससे नया निर्माण कार्य शुरू करें कारीगरों मजदूरों को अधिक से अधिक काम दिया जा सके ।